अध्याय 204 - क्रिस्प

मार्गोट का नज़रिया

"मैं बस ये देख रहा हूँ कि इसका ठीक से खयाल रखा जा रहा है," एक पल बाद उसने सपाट आवाज़ में कहा।

डॉक्टर ने हल्का सा भौंह उठाया, मगर बात को आगे नहीं बढ़ाया।

"बिलकुल," उसने बड़ी सहजता से जवाब दिया, फिर ध्यान वापस मेरी तरफ कर लिया। "कोई चक्कर? मितली? नींद में दिक्कत?"

मैंने सिर हिला...

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